जानकारी के अनुसार, छंटनी से डायरेक्टर, टीम लीडर, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर जैसे पदों पर काम करने वाले कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं। यह प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ाई जा रही है और पिछले कुछ दिनों के दौरान प्रभावित कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने के पत्र जारी किए गए हैं।
कुछ कर्मचारियों को बिना नोटिस पीरियड पूरा किए तत्काल नौकरी छोड़ने के लिए भी कहा गया है। हालांकि, कंपनी की ओर से इन रिपोर्ट्स पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। सैमसंग से संपर्क किए जाने पर कंपनी ने छंटनी से जुड़ी रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
प्रभावित कर्मचारियों के लिए कंपनी की ओर से सेवरेंस पैकेज दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत कर्मचारियों को तीन महीने की सैलरी और नौकरी के प्रत्येक पूरे वर्ष के लिए एक महीने की अतिरिक्त सैलरी शामिल है। इस पैकेज का उद्देश्य छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में इस समय कमजोर मांग और बढ़ती लागत कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है। सैमसंग के कारोबार पर भी मेमोरी चिप की ऊंची कीमतों, कच्चे माल की बढ़ती लागत और भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट से ऑपरेटिंग खर्च बढ़ने का दबाव है।
स्मार्टफोन बाजार में भी मांग से जुड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर करीब 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कुछ उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
हालांकि, दूसरी छमाही में बाजार के पहली छमाही की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई गई है। त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने से बाजार को कुछ सहारा मिलने की संभावना बताई गई है। ऐसे माहौल में कंपनियां लागत और संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा कर रही हैं।
सैमसंग ने अपने टेलीविजन और होम अप्लायंस कारोबार की बिक्री टीमों को एक साथ लाने की योजना भी बनाई थी। हालांकि, सामने आई जानकारी के मुताबिक इस कदम को दिसंबर तिमाही तक टाल दिया गया है। संगठनात्मक पुनर्गठन के बीच बिक्री टीमों से जुड़ा यह बदलाव कंपनी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सैमसंग इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 में 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय दर्ज की थी। इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 11,287 करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद मौजूदा कारोबारी परिस्थितियों में लागत और मांग से जुड़ी चुनौतियों के बीच कंपनी ने अपने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में कर्मचारियों की संख्या कम करने का कदम उठाया है।
इसके अलावा, 2026 के अंत तक दुनियाभर में फोल्डेबल स्मार्टफोन की शिपमेंट 100 मिलियन यूनिट से अधिक होने का अनुमान है। यह आंकड़ा इस श्रेणी के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन माना जा रहा है। पहला व्यावसायिक रूप से उपलब्ध फोल्डेबल फोन करीब आठ साल पहले लॉन्च हुआ था। ऐसे में स्मार्टफोन उद्योग में कुछ नई श्रेणियों के विस्तार के साथ पारंपरिक बाजार में मांग और लागत की चुनौतियां भी बनी हुई हैं।
