नई दिल्ली । एलन मस्क की कंपनी SpaceX सैटेलाइट तकनीक के जरिए संचार और इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी के दो प्रमुख नेटवर्क Starlink और Starshield हैं, जो अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट की मदद से काम करते हैं। हालांकि, दोनों की तकनीक और संचालन से जुड़े कुछ पहलू समान होने के बावजूद इनके उद्देश्य अलग-अलग हैं। Starlink को मुख्य रूप से आम लोगों और कारोबारों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है, जबकि Starshield का ध्यान सरकारों, रक्षा विभागों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों पर है।
Starlink एक सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जहां फाइबर केबल या मोबाइल नेटवर्क की सुविधा सीमित है। इसके लिए पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद सैटेलाइट का इस्तेमाल किया जाता है। ये सैटेलाइट जमीन पर लगे विशेष एंटीना और रिसीवर के साथ मिलकर इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराते हैं। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने का विकल्प मिल सकता है।
इस नेटवर्क का इस्तेमाल घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, विमानों और जहाजों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए किया जा सकता है। प्राकृतिक आपदाओं या संघर्ष के दौरान जब पारंपरिक संचार व्यवस्था प्रभावित होती है, तब सैटेलाइट नेटवर्क संपर्क बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके लिए उपयुक्त उपकरण और संबंधित क्षेत्र में सेवा की उपलब्धता जरूरी है।
दूसरी ओर, Starshield को आम उपभोक्ताओं के लिए इंटरनेट सेवा के रूप में नहीं, बल्कि सरकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए विकसित किया गया है। इसका प्रमुख ग्राहक अमेरिकी रक्षा विभाग है। इस नेटवर्क का उद्देश्य सैन्य संचार, पृथ्वी की निगरानी और संवेदनशील अभियानों के लिए जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है।
SpaceX के अनुसार, Starshield के काम को तीन प्रमुख क्षेत्रों में समझा जा सकता है। पहला, सरकारी और सुरक्षा संबंधी जरूरतों के लिए सुरक्षित संचार उपलब्ध कराना। दूसरा, सैटेलाइट पर लगाए गए विशेष उपकरणों की मदद से पृथ्वी की निगरानी करना और उससे संबंधित जानकारी जुटाना। तीसरा, सरकारी मिशनों की जरूरत के मुताबिक सैटेलाइट पर अलग-अलग सेंसर और उपकरण लगाने की सुविधा देना।
Starshield में संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और एन्क्रिप्शन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सेवाएं आम ग्राहकों के लिए सामान्य इंटरनेट कनेक्शन के रूप में उपलब्ध नहीं हैं। इसके विपरीत, Starlink का व्यावसायिक मॉडल इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, हालांकि वह भी डेटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है।
दोनों नेटवर्क के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर उनके ग्राहकों और इस्तेमाल का है। Starlink का उपयोग व्यक्ति, परिवार और कंपनियां कर सकती हैं, जबकि Starshield सरकारी संस्थाओं और रक्षा से जुड़े विशेष मिशनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसी तरह, Starshield में मिशन के अनुसार विशेष उपकरण और संचार व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।
यूक्रेन युद्ध के बाद सैटेलाइट संचार नेटवर्क की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान दिया गया है। संघर्ष के दौरान संचार व्यवस्था बनाए रखने में Starlink की उपयोगिता चर्चा में रही है। वहीं, सैन्य गतिविधियों में निजी कंपनियों के नेटवर्क की भूमिका और उन पर निर्भरता को लेकर भी सवाल उठे हैं। हाल में यूक्रेन की सैन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ सेवाओं पर प्रतिबंधों को लेकर हुई चर्चा ने इस विषय को फिर प्रमुखता दी।
इन दोनों नेटवर्क को समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि Starlink का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जबकि Starshield सरकारी संचार, निगरानी और सुरक्षा संबंधी अभियानों की जरूरतों पर केंद्रित है। दोनों SpaceX की सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनके ग्राहक, कार्यक्षेत्र और मिशन अलग-अलग हैं।