स्टार्टअप सनफॉक्स के स्पंदन उपकरण से पहाड़ी स्वास्थ्य केंद्रों में हो रही ईसीजी जांच
देहरादून। चारधाम यात्रा मार्ग पर 13,100 तीर्थयात्रियों की हृदय जांच में 463 गंभीर मामले सामने आए हैं। इन यात्रियों को तत्काल उपचार की जरूरत थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से देहरादून की मेडटेक स्टार्टअप कंपनी सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज के स्पंदन पोर्टेबल ईसीजी उपकरणों के माध्यम से यात्रियों की जांच की जा रही है। कंपनी के अनुसार, आठ अक्टूबर तक की गई जांच में 4,396 यात्रियों की ईसीजी रिपोर्ट में असामान्यता मिली।
चारधाम यात्रा के दौरान ऊंचाई, ठंड और कठिन चढ़ाई के कारण तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का सामना करना पड़ता है। यात्रा मार्ग के कई प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूर स्थित हैं। ऐसे में स्पंदन उपकरणों की मदद से स्वास्थ्यकर्मी स्मार्टफोन के माध्यम से ईसीजी रिकॉर्ड करते हैं। रिपोर्ट दूर बैठे चिकित्सकों को भेजी जाती है, जहां से गंभीर मामलों की पहचान कर मरीजों को आगे के उपचार के लिए भेजने में मदद मिलती है।
कंपनी के मुताबिक, स्पंदन उपकरण चारधाम यात्रा मार्ग के स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क हृदय जांच में मदद कर रहे हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर जांच और उपचार संबंधी निर्णय लेने में सहायता मिल रही है।
सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज की शुरुआत वर्ष 2016 में उत्तराखंड में कॉलेज आधारित अनुसंधान पहल के रूप में हुई थी। कंपनी के संस्थापक रजत जैन, अर्पित जैन, साबित रावत, नितिन चंदोला और सौरभ बडोला ने हृदयाघात की पहचान और उपचार में लगने वाला समय कम करने के उद्देश्य से इस तकनीक पर काम शुरू किया। बाद में कंपनी को टीवी कार्यक्रम ‘शार्क टैंक इंडिया’ के पहले सीजन में निवेश मिला, जिसके बाद उसे व्यापक पहचान मिली।
कंपनी के अनुसार, स्पंदन उपकरण देश के 20 हजार से अधिक गांवों तक पहुंच चुके हैं। देशभर में करीब 60 हजार उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं और इनके माध्यम से हर साल लगभग 50 लाख मरीजों की जांच होती है। हरियाणा के 600 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस तकनीक के जरिये टेली-ईसीजी सेवा संचालित की जा रही है। वहां अब तक करीब 47,400 जांचें की जा चुकी हैं।
विस्तार के लिए जुटाए 67 करोड़ रुपये
सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज ने हाल ही में सीरीज-ए निवेश के तहत 70 लाख डॉलर यानी लगभग 67 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी के अनुसार, इस निवेश का उपयोग अनुसंधान एवं विकास, देश में कारोबार के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा। निवेश का नेतृत्व आशीष कचोलिया, लशित सांघवी, अल्केमी कैपिटल और 3one4 कैपिटल ने किया।
कंपनी के मुताबिक, उसे भारत, घाना, केन्या, तंजानिया और दक्षिण अफ्रीका में नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है, जबकि अमेरिका और यूरोपीय संघ में मंजूरी की प्रक्रिया जारी है।
सनफॉक्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत जैन ने कहा कि स्पंदन की शुरुआत उत्तराखंड से हुई थी और चारधाम यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों की जांच में इसकी भूमिका कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जहां अस्पताल दूर हैं, वहां समय पर ईसीजी जांच से गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं की पहचान में मदद मिल सकती है। नए निवेश से इस तकनीक को देश और विदेश के अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
