केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस दौरान युवाओं को खास तौर पर मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संडे ऑन साइकिल का यह 88वां संस्करण है और देशभर में अब तक 25 हजार से ज्यादा स्थानों पर इसका आयोजन किया जा चुका है। उनके मुताबिक साइकिल चलाने को लेकर देश में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यह अभियान धीरे धीरे एक जुनून और पैशन का रूप ले रहा है। उन्होंने साइकिलिंग को व्यायाम का बेहतरीन माध्यम बताते हुए कहा कि इससे व्यक्ति खुद को फिट रखने के साथ पर्यावरण और यातायात से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में भी योगदान दे सकता है।
मांडविया ने युवाओं से अपील की कि वे रोजाना कम से कम एक घंटे मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहने की कोशिश करें। इस समय को साइकिल चलाने या किसी अन्य खेल गतिविधि में लगाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। उनका संदेश खास तौर पर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बच्चों और युवाओं के बीच स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम होता जा रहा है।
कार्यक्रम में गौतम गंभीर ने भी फिटनेस को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने फिट इंडिया अभियान को सरकार की एक बेहतरीन पहल बताते हुए कहा कि जिस तरह देश के लोग स्वस्थ होंगे उसी तरह देश मजबूत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। गंभीर ने फिटनेस को किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक अभियान के रूप में देखने की जरूरत बताई। उन्होंने युवाओं और इस अभियान से जुड़े लोगों से अपील की कि वे फिटनेस का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।
गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ नागरिक किसी भी मजबूत देश की नींव होते हैं। उनके अनुसार फिटनेस को केवल खेल खेलने या व्यायाम करने तक सीमित नहीं समझना चाहिए बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। नियमित खेल गतिविधियां व्यक्ति को सक्रिय रखने के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती हैं।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों और अतिथियों का सम्मान किया। मुख्य अतिथि गौतम गंभीर के अलावा पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह तथा अभिनेत्री मुधरिमा तुली भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों का फूल और बुके देकर स्वागत किया गया।
साइकिलिंग के अलावा कार्यक्रम में कई अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इसे सामूहिक फिटनेस उत्सव का रूप दिया। आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिट रहना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण से भी जुड़ा विषय है। मांडविया और गंभीर की अपील ने युवाओं को खेल और नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के अभियान को नई ऊर्जा दी।
