केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक नीट-पीजी परीक्षा को निष्पक्ष सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी। देशभर के परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार रियल टाइम निगरानी रखी गई। परीक्षा संचालन की निगरानी और मूल्यांकन के लिए 2527 संकाय सदस्यों को स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता के रूप में तैनात किया गया था। इसके साथ ही डीन निदेशक चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ प्रोफेसरों सहित 700 से अधिक वरिष्ठ संकाय सदस्यों को फ्लाइंग स्क्वायड में शामिल किया गया था। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को तत्काल पकड़ना और परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना था।
राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड के अनुसार जयपुर के आईऑन डिजिटल जोन आईडीजेड सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्र संख्या 41682 और 41683 पर आंतरिक बिजली आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आई। बिजली व्यवस्था में आई इस परेशानी के चलते इन दोनों केंद्रों पर परीक्षा दे रहे 2445 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो पाई। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह समस्या परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीसीएस लिमिटेड की आंतरिक बिजली आपूर्ति व्यवस्था से संबंधित थी। प्रभावित उम्मीदवारों को किसी तरह का नुकसान न हो इसलिए बोर्ड ने उन्हें दोबारा परीक्षा देने का समान अवसर देने का फैसला किया है।
जयपुर के दोनों प्रभावित केंद्रों के सभी 2445 अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा 5 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 3 बजे जयपुर में आयोजित की जाएगी। पुनर्परीक्षा के केंद्र और अन्य आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अभ्यर्थियों को अलग से उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रभावित उम्मीदवारों को अपनी परीक्षा पूरी करने का अवसर मिलेगा और तकनीकी समस्या के कारण उनके मेडिकल करियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में 16 क्षेत्रीय कमान केंद्र सक्रिय किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों को लाइव सीसीटीवी निगरानी से जोड़ा गया था जिसकी निगरानी द्वारका स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड के मुख्यालय में बनाए गए कमान केंद्र से की गई। रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए बोर्ड और टीसीएस के 190 कर्मचारियों की विशेष टीम भी तैनात रही। मुख्यालय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और टीसीएस समेत संबंधित संस्थाओं के अधिकारी पूरे दिन परीक्षा की स्थिति पर नजर रखते रहे।
नकल और दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने जैसी संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए अभ्यर्थियों का आधार आधारित प्रमाणीकरण भी किया गया। विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने भी परीक्षा के सुरक्षित संचालन में सहयोग दिया। बोर्ड ने कहा कि देशभर के 1111 केंद्रों और 339 शहरों में परीक्षा का सफल आयोजन परीक्षा अधिकारियों चिकित्सा संस्थानों संकाय सदस्यों सुरक्षा एजेंसियों तकनीकी टीमों और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम रहा। कुल मिलाकर नीट-पीजी 2026 की परीक्षा व्यापक सुरक्षा निगरानी और तकनीकी व्यवस्था के बीच संपन्न हुई जबकि जयपुर के प्रभावित 2445 अभ्यर्थियों को अब 5 सितंबर को परीक्षा पूरी करने का अवसर मिलेगा।
