टीएचडीसी लोगो फाइल चित्र।
चमोली, 18 अगस्त । उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के मायापुर स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद करीब 117 घंटे तक चला तलाश एवं बचाव अभियान मंगलवार को पूरा हो गया। अभियान के दौरान सुरंग से लापता सभी तीन श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए। हादसे में कुल 10 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अनुसार, हादसे के समय टेल रेस टनल में मुख्य कार्यदायी संस्था हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के 22 श्रमिक तैनात थे। सुरंग में पानी रिसने और भूस्खलन के बाद श्रमिकों के फंसे होने की सूचना मिली थी। करीब पांच दिन चले अभियान में सुरंग से पानी निकालने, मलबा हटाने और फंसी मशीनरी को बाहर निकालने के साथ संभावित स्थानों पर लगातार तलाशी ली गई। पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप सहित अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षित निकाले गए श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
टीएचडीसी के अनुसार, हादसे के बाद तीन श्रमिक लापता थे। इनमें से एक का शव 15 अगस्त को बरामद किया गया, जबकि शेष दो श्रमिकों के शव मंगलवार को बरामद किए गए। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या 10 हो गई।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पूरे अभियान की निगरानी की और विभिन्न बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया। अभियान में आईटीबीपी की जोशीमठ और गौचर इकाइयाँ, सेना की जोशीमठ इकाई, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों ने भाग लिया।
जिला प्रशासन के अनुसार, सुरक्षित निकाले गए 12 श्रमिकों में सुनील दीवान, हारबिल गुड़िया, कमड़ा, निस्तर भिंगरा, विनोद रावना, दीना बेगरा, खेला राम बिसरा, सुबेग सिंह, तिलकराज, पेन सिंह, रोहित पांडे और गोविन्दो मंडाल शामिल हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की पहचान प्रदीप पंवार, जितेन्द्र कुमार, विजय हंसदा, मुकेश सिंह, दुर्लभ शर्मा, लोकेश्वर, भुनेश्वर, देवनाथ, लुकास टोपनो और चेतन पोयाम के रूप में हुई है।
टीएचडीसीआईएल ने मृत श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि निगम प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। घायल श्रमिकों के समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता भी सुनिश्चित की जा रही है।
निगम ने राहत एवं बचाव अभियान में शामिल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ, जिला प्रशासन, एचसीसी और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। टीएचडीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर अभियान की निगरानी करते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया।
