दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने प्रशासन की चेतावनियों की अनदेखी करते हुए लागू धारा 163 का उल्लंघन किया और हालात हिंसक हो गए।
118 पुलिसकर्मी घायल, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इस दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि जनपथ क्षेत्र में कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
हिंसा में स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी स्तर के पांच से अधिक आईपीएस अधिकारियों सहित 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, झड़प के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।
एक घायल पुलिस अधिकारी ने बताया कि जनपथ स्थित क्लैरिजेस होटल के पास तैनाती के दौरान अचानक भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पत्थरों की पहले से व्यवस्था की गई थी और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भीड़ ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।
70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अभिजीत दिपके ने समाप्त किया अनशन
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को अपना ढाई दिन पुराना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया। उन्होंने 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाए जाने के बाद अनशन शुरू किया था।
जेपी नड्डा से दो दौर की बातचीत
प्रदर्शन के बीच CJP प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जिसमें नड्डा ने संगठन की मांगों की जानकारी लेकर लिखित ज्ञापन देने को कहा। इसके बाद दोपहर करीब 4 बजे प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। हालांकि, सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में संगठन की तीनों प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधियों से आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।
सरकार ने हालात पर रखी नजर
दिनभर चले घटनाक्रम पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए रही। गृह मंत्री अमित शाह वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को निर्देश दिए गए कि स्थिति नियंत्रित करने के दौरान बल प्रयोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर और न्यूनतम स्तर पर ही किया जाए।
आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन
सोमवार को लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात फिर जंतर-मंतर पहुंच गए। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि मंगलवार को भी ‘संसद चलो’ मार्च जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे और संसद की ओर मार्च का प्रयास जारी रखेंगे।
