स्पेन की ऐतिहासिक जीत के बाद केरल के कोझिकोड जिले के कुट्टियाडी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्पेन के समर्थक सड़कों पर उतर आए और ढोल नगाड़ों के साथ नाचते गाते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। जगह जगह आतिशबाजी की गई और समर्थकों ने स्पेन के झंडे लहराते हुए अपनी टीम की शानदार जीत का स्वागत किया। लंबे समय बाद विश्व कप ट्रॉफी जीतने की खुशी ने प्रशंसकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया।
दूसरी ओर अर्जेंटीना के समर्थकों के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। मुंबई में कई फुटबॉल प्रेमी मैच खत्म होने के बाद मायूस दिखाई दिए। कुछ प्रशंसकों ने माना कि कप्तान लियोनेल मेसी से जिस स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद थी वह फाइनल मुकाबले में देखने को नहीं मिला। उनका कहना था कि स्पेन के मजबूत डिफेंस ने मेसी को खुलकर खेलने का अवसर ही नहीं दिया जिसके कारण अर्जेंटीना अपनी आक्रामक रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सका। हालांकि कई प्रशंसकों ने यह भी स्वीकार किया कि पूरी प्रतियोगिता में अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचना भी बड़ी उपलब्धि रही।
मेघालय की राजधानी शिलांग में भी फुटबॉल का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य सरकार की ओर से आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रेमी शामिल हुए और विशाल स्क्रीन पर फाइनल मुकाबले का आनंद लिया। मैच समाप्त होते ही स्पेन समर्थकों ने खुशी का इजहार किया जबकि अर्जेंटीना के प्रशंसकों ने अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां बजाईं। इस दौरान दोनों टीमों की जर्सी पहने हुए प्रशंसक खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश करते नजर आए।
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज हमीदुल्लाह ने भी फाइनल मुकाबले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अर्जेंटीना से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन स्पेन ने पूरे मैच में अधिक संतुलित और प्रभावशाली खेल दिखाया। उनके अनुसार स्पेन ने जिस अनुशासन और रणनीति के साथ मुकाबला खेला उसी का परिणाम रहा कि टीम विश्व चैंपियन बनने में सफल रही।
दिल्ली के फुटबॉल प्रेमियों ने भी स्पेन के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की। कई प्रशंसकों का मानना था कि स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और बेहतर अवसर तैयार किए। वहीं कुछ अर्जेंटीना समर्थकों ने कहा कि उनकी टीम ने फाइनल में जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक रणनीति अपनाई और आखिरी दस मिनट में ही आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की जिससे वापसी का मौका नहीं बन सका।
स्पेन की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विश्व फुटबॉल में मजबूत रणनीति अनुशासित डिफेंस और धैर्य सबसे बड़ी ताकत होते हैं। वहीं अर्जेंटीना की हार के बावजूद उसके समर्थकों ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए भविष्य में और मजबूत वापसी की उम्मीद जताई। फाइनल के बाद भारत में देखने को मिला यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि फुटबॉल के प्रति भारतीय प्रशंसकों का जुनून लगातार बढ़ रहा है।
