मैच के बाद गिल ने कहा कि भारतीय टीम की स्थिति 45वें ओवर तक मजबूत थी और खिलाड़ी मुकाबले में वापसी की उम्मीद बनाए हुए थे। हालांकि अंतिम तीन ओवरों में करीब 60 रन खर्च करने से इंग्लैंड विशाल स्कोर तक पहुंच गया। उनके अनुसार यही वह मोड़ था जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान ने माना कि यदि डेथ ओवरों में गेंदबाज बेहतर नियंत्रण रखते तो लक्ष्य काफी हद तक सीमित किया जा सकता था।
शुभमन गिल ने रन चेज की रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टीम ने पहले से योजना बनाई थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखे जाएंगे और पावरप्ले के बाद रन गति लगभग छह से साढ़े छह रन प्रति ओवर रखी जाएगी। इसके बाद अंतिम दस ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 100 से 110 रन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। गिल का मानना था कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती तो भारत के पास मुकाबला जीतने का शानदार मौका होता।
भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी विभाग की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पावरप्ले के दौरान गेंदबाजों ने जरूरत से ज्यादा ऑफ स्टंप के बाहर गेंदें फेंकीं जिसका इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। इससे मेजबान टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया और भारत को लगातार दबाव में रखा। गिल के अनुसार पावरप्ले और डेथ ओवरों की गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।
सीरीज हारने के बावजूद शुभमन गिल ने टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलुओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में लगातार रन बनाए और गेंदबाजों ने भी अलग अलग मुकाबलों में विकेट लेकर योगदान दिया। उनके अनुसार यह प्रदर्शन आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
गिल ने इस दौरान रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित ने वर्षों से दुनिया के अलग अलग देशों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और लॉर्ड्स में खेली गई 138 रन की पारी भी उसी स्तर की थी। कप्तान ने कहा कि मैच के अंतिम चरण में पिच धीमी हो चुकी थी और ऐसे हालात में इतनी शानदार बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। उनके अनुसार रोहित की पारी देखना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए किसी खास अनुभव से कम नहीं था।
गौरतलब है कि इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 387 रन का विशाल स्कोर बनाया। बेन डकेट ने 141 रन जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन की शानदार पारी खेली। जो रूट ने नाबाद 74 और जोस बटलर ने तेज 41 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में रोहित शर्मा के 138 रन शुभमन गिल के 77 और विराट कोहली के 74 रन भी भारत को जीत नहीं दिला सके और टीम 360 रन तक ही पहुंच सकी। इस हार के साथ इंग्लैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
