कार्यक्रम की शुरुआत ट्रेलर प्रदर्शन के साथ हुई जिसके बाद सबसे पहले रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच संभाला। पारंपरिक भारतीय परिधान में पहुंचे दोनों कलाकारों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। निर्देशक नितेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने इन दोनों कलाकारों को केवल अभिनय क्षमता के आधार पर नहीं चुना बल्कि उनकी आंखों में उन्हें राम और सीता का व्यक्तित्व दिखाई देता था। उनका कहना था कि इन किरदारों के लिए वह किसी और की कल्पना नहीं कर सकते थे।
निर्माता नमित मल्होत्रा ने फिल्म की परिकल्पना और निर्माण यात्रा पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी विश्व स्तर पर विजुअल इफेक्ट्स के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत चुकी है लेकिन अब समय आ गया था कि भारतीय संस्कृति की सबसे महान कथा को उसी भव्यता के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। इसी सोच के साथ रामायण पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया ताकि भारतीय विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।
निर्देशक नितेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि फिल्म की मूल कथा और भावनाओं से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से दर्शकों को रामायण का ऐसा अनुभव मिलेगा जो पहले कभी बड़े पर्दे पर नहीं देखा गया। उन्होंने संकेत दिया कि लंका दहन किशकिंधा और अन्य महत्वपूर्ण दृश्यों को अत्यंत भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम में अभिनेता अरुण गोविल ने भी भावुक कर देने वाला अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब रामानंद सागर की रामायण बन रही थी तब शुरुआत में उन्हें भगवान राम की भूमिका नहीं मिली थी लेकिन बाद में वही किरदार उनकी पहचान बन गया। इस फिल्म में वह राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने कहा कि इस सेट पर काम करते समय उन्हें हमेशा आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हुआ।
रणबीर कपूर ने मंच से अरुण गोविल के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि बचपन से उन्होंने उन्हें भगवान राम के रूप में देखा है और यदि वह उनके अभिनय का थोड़ा सा भी अंश अपने किरदार में ला सके तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं साई पल्लवी ने कहा कि उन्होंने इस भूमिका को स्वीकार करने से पहले माता सीता से प्रार्थना की कि उन्हें इस दिव्य चरित्र को निभाने की शक्ति मिले।
रवि दुबे ने लक्ष्मण की भूमिका मिलने को अपना सौभाग्य बताया जबकि साउथ सुपरस्टार यश ने रावण का किरदार निभाने का अवसर मिलने पर मेकर्स का आभार व्यक्त किया। उनकी एंट्री पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। वहीं सनी देओल के मंच पर आते ही पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फिल्म हर भारतीय तक पहुंचेगी और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल करेगी।
कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास ने भगवान राम की कथा का महत्व बताया जबकि सितार वादक ऋषभ शर्मा की भक्तिमय प्रस्तुति ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में ट्रेलर को एक बार फिर प्रदर्शित किया गया जिसे दर्शकों ने उत्साह के साथ देखा। इस भव्य आयोजन ने साफ कर दिया कि रामायण केवल एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था को आधुनिक तकनीक के साथ बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का एक विशाल प्रयास है।
