शमी ने अपने टेस्ट करियर में भारतीय टीम के लिए 64 मुकाबले खेले और 27.71 की औसत से कुल 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया। अपनी तेज रफ्तार, शानदार सीम मूवमेंट और स्विंग गेंदबाजी के दम पर उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नई गेंद के साथ-साथ पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने की उनकी क्षमता बल्लेबाजों के लिए लगातार चुनौती बनी रही।
13 साल पहले शुरू हुआ था टेस्ट सफर
मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू की 13वीं वर्षगांठ के दिन ही इस प्रारूप से संन्यास की घोषणा की। उनके टेस्ट करियर का आखिरी मुकाबला जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल था। यह मुकाबला लंदन के ओवल मैदान पर खेला गया था। इसके बाद चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण उनकी टेस्ट टीम में वापसी नहीं हो सकी।
शमी ने अपने विदाई संदेश में कहा कि जब उन्होंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका सपना देश के लिए कुछ खास करने का था। इस सफर में हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को केवल एक प्रारूप नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताया। भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ उन्होंने इस सफर को समाप्त करने का फैसला किया।
वनडे और टी20 क्रिकेट पर रहेगा पूरा ध्यान
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद शमी का पूरा ध्यान अब सीमित ओवरों के मुकाबलों पर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य दोबारा भारतीय टीम में जगह बनाना है। शमी ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं किया है। ऐसे में उनके सामने फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय टीम में वापसी की चुनौती भी रहेगी।
IPL और घरेलू क्रिकेट में भी जारी रहेगा सफर
शमी ने अपने भविष्य की योजनाओं में IPL और घरेलू क्रिकेट को भी शामिल रखा है। उन्होंने बताया कि वह घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलते रहेंगे। फिटनेस अनुकूल रहने पर चार दिवसीय क्रिकेट में भी हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में वापसी की संभावना से स्पष्ट रूप से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रारूप में उनका सफर समाप्त हो चुका है।
घरेलू क्रिकेट में शमी बंगाल की टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने बंगाल के लिए तीन मुकाबले खेले और 14 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा उनका नाम 14 नवंबर से शुरू होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बंगाल की टीम में भी शामिल है।
शमी ने अपने करियर में मिले सहयोग के लिए परिवार, साथी खिलाड़ियों, कोच, प्रशंसकों और क्रिकेट प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में मिले अवसरों और समर्थन को अपनी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका टेस्ट करियर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट में उनकी भूमिका अभी जारी रहने वाली है। अब देखना होगा कि शमी अपनी फिटनेस और प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में दोबारा कब जगह बना पाते हैं।
