नई दिल्ली ।
दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों का असर राजधानी के बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शन के कारण कई इलाकों में दुकानों को बंद रखना पड़ रहा है और बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। इसका असर ऐसे समय में दिखाई दे रहा है, जब दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण कारोबार में तेजी आने की उम्मीद रहती है। इस स्थिति को लेकर विभिन्न व्यापारी संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपनी समस्याएं बताई हैं और बाजारों में सामान्य गतिविधियां बनाए रखने की मांग की है।राजधानी में केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। व्यापारियों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के कारण कई बाजारों में लोग खरीदारी के लिए आने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि जब सड़कों पर प्रदर्शन होते हैं और लोगों को आवाजाही में परेशानी या असुरक्षा की आशंका रहती है, तो बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट जाती है। इससे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित होती है और त्योहारों के दौरान होने वाली कमाई पर भी असर पड़ सकता है।
दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि दशहरा और दिवाली का समय बिजली की सजावटी लाइटों, झूमरों और घरों को सजाने वाले सामान के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होता है। इन त्योहारों के दौरान लोग घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए बड़ी संख्या में सामान खरीदते हैं। ऐसे में बाजारों में मांग बढ़ने से व्यापारियों को साल के इस हिस्से में बेहतर कारोबार की उम्मीद रहती है। हालांकि, मौजूदा प्रदर्शनों के कारण उन्हें बिक्री प्रभावित होने की चिंता सता रही है।
अजय शर्मा ने सरकार और प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की कि फिलहाल विरोध प्रदर्शनों को टालने पर विचार किया जाए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां बाधित न हों। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के कारण लोग सड़कों पर निकलने से डर रहे हैं। उनके मुताबिक, अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए, जिससे विरोध भी दर्ज हो सके और आम लोगों तथा कारोबारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
व्यापारी संगठनों ने यह भी चिंता जताई है कि कारोबार में गिरावट का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा। बाजारों में बिक्री कम होने पर सरकार को मिलने वाले कर राजस्व पर भी प्रभाव पड़ सकता है। व्यापारियों का तर्क है कि त्योहारों के दौरान खरीदारी में कमी आने से व्यापारिक गतिविधियां कमजोर हो सकती हैं, जिसका असर संबंधित कारोबार और उससे जुड़े लोगों की आय पर पड़ेगा।
फोटो मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार सेठी ने कहा कि देश में त्योहारों का कारोबारी मौसम 15 अगस्त के बाद शुरू हो जाता है। रक्षाबंधन से लेकर दिवाली के बाद तक बाजारों में आम तौर पर खरीदारी और बिक्री का स्तर बेहतर रहता है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों की सालभर की कमाई का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इन चार महीनों में आता है। ऐसे में इस अवधि के दौरान कारोबार प्रभावित होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सेठी ने प्रदर्शनों के तरीके पर भी सवाल उठाए और इन गतिविधियों को अराजकता बताते हुए आरोप लगाया कि इनके जरिए देश की स्थिरता को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क पर भी भारत के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की मंशा रखने का आरोप लगाया और अपनी बात रखते हुए नेपाल तथा श्रीलंका में हुए घटनाक्रमों से तुलना की। ये आरोप उनके निजी बयान के रूप में सामने आए हैं।
सेठी ने सरकार से मांग की कि मध्य दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में प्रदर्शनों की अनुमति देने के मामले में विशेष ध्यान रखा जाए। व्यापारियों का कहना है कि विरोध और अपनी मांगें रखने के अधिकार के साथ बाजारों की सामान्य गतिविधियों को बनाए रखना भी जरूरी है। उनका आग्रह है कि ऐसी व्यवस्था हो, जिससे त्योहारों के दौरान ग्राहक बाजारों तक पहुंच सकें और व्यापारियों को लगातार कारोबार प्रभावित होने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
