खाद्य मंत्रालय ने चीनी मिलों को जारी निर्देश में अक्टूबर में उत्पादित चीनी की दोनों महीनों में बिक्री की अनुमति दी है। सामान्य मासिक आवंटन के अलावा अतिरिक्त मात्रा बेचने की छूट से बाजार में आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस अतिरिक्त बिक्री की अनुमति से बाजार में कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
इस बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर भी सकारात्मक अनुमान सामने आया है। डेलॉयट इंडिया के आकलन के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर 7.1 से 7.3 प्रतिशत के बीच रह सकती है। इस अनुमान के पीछे निजी निवेश में सुधार को एक प्रमुख कारण बताया गया है। निजी क्षेत्र की ओर से निवेश बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों और बाजार की मांग को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है।
आकलन के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष 2027-28 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मजबूत रह सकती है, हालांकि इसके कुछ धीमी रहने का अनुमान है। इस अवधि में जीडीपी वृद्धि दर 6.6 से 7 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है। यह अनुमान दर्शाता है कि आने वाले वित्त वर्षों में भी आर्थिक विस्तार जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन विकास की वास्तविक गति कई घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
आर्थिक विकास के सामने कुछ जोखिम भी बताए गए हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आने वाली बाधाएं शामिल हैं। ऊर्जा की कीमतों में तेजी से उत्पादन और परिवहन की लागत प्रभावित हो सकती है। वहीं, वैश्विक व्यापार में रुकावटों का असर वस्तुओं की आपूर्ति और कारोबारी गतिविधियों पर पड़ सकता है। इन परिस्थितियों के कारण आर्थिक विकास के अनुमान में बदलाव की संभावना बनी रहती है।
इसी बीच, केंद्र सरकार ने वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो यानी एफएसआईबी का नए सिरे से गठन किया है। पूर्व सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एससीएल दास को ब्यूरो का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल अधिसूचना जारी होने की तारीख से तीन साल का होगा। एफएसआईबी सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों के लिए सिफारिशें करता है। इस संस्था की भूमिका वित्तीय क्षेत्र में वरिष्ठ पदों पर चयन प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
नए अध्यक्ष के साथ ब्यूरो में छह सदस्य भी शामिल किए गए हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक अरिजीत बसु, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व निदेशक सतीश काशीनाथ मराठे और पूर्व कार्यकारी निदेशक रमनाथन सुब्रमणियन शामिल हैं। इनके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम के पूर्व प्रमुख सिद्धार्थ मोहंती, न्यू इंडिया एश्योरेंस की पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नीरजा कपूर और भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण की पूर्व सदस्य टीएल अलामेलु को भी सदस्य बनाया गया है।
इस प्रकार, त्योहारी मांग को ध्यान में रखते हुए चीनी की अतिरिक्त बिक्री की अनुमति, आर्थिक विकास के अनुमान और वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो के नए गठन से जुड़े फैसले एक साथ सामने आए हैं। चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए उठाया गया कदम निकट अवधि की बाजार मांग से जुड़ा है, जबकि जीडीपी वृद्धि के अनुमान और एफएसआईबी में नियुक्तियां अर्थव्यवस्था तथा वित्तीय संस्थानों से संबंधित व्यापक घटनाक्रम हैं।
