नई दिल्ली ।राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की अनूठी आस्था एक बार फिर चर्चा में है। यहां जालोर से आए एक भक्त ने अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान सांवलिया सेठ को 21 ग्राम सोने से बना दिल अर्पित किया है। इस सोने के दिल की कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस भेंट की खासियत केवल इसकी कीमत नहीं, बल्कि इसके पीछे जुड़ी एक भावुक कहानी भी है। श्रद्धालु हृदय संबंधी बीमारी से परेशान था और उसने इलाज तथा ऑपरेशन सफल होने की कामना के साथ भगवान के दरबार में मन्नत मांगी थी।
जानकारी के अनुसार, जालोर निवासी यह श्रद्धालु लंबे समय से हृदय संबंधी परेशानी का सामना कर रहा था। बीमारी के चलते उसे इलाज और ऑपरेशन की जरूरत पड़ी। इस मुश्किल समय में उसने भगवान सांवलिया सेठ के प्रति अपनी आस्था जताते हुए मन्नत मांगी थी कि उसका इलाज सफल हो और वह दोबारा स्वस्थ जीवन जी सके। ऑपरेशन के बाद जब उसकी सेहत में सुधार हुआ तो उसने अपनी मन्नत पूरी करने का निर्णय लिया।
इसके बाद श्रद्धालु सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचा और भगवान के चरणों में 21 ग्राम सोने से बना दिल समर्पित किया। दिल के आकार में तैयार कराई गई इस भेंट को श्रद्धालु ने अपनी बीमारी से उबरने और बेहतर स्वास्थ्य मिलने के प्रति आभार जताने के लिए अर्पित किया। मंदिर मंडल के अनुसार, श्रद्धालु ने सोने के इस दिल को मंदिर के भेंट कक्ष में जमा करवाया है। उसने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
21 ग्राम वजन वाले इस सोने के दिल की कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, श्रद्धालु की पहचान और उसकी व्यक्तिगत जानकारी सामने नहीं आई है। मंदिर में इस तरह की भेंट अर्पित करने के पीछे भक्त की अपनी धार्मिक मान्यता और व्यक्तिगत अनुभव जुड़े हुए हैं।
सांवलिया सेठ के दरबार में इस तरह की अनूठी भेंट का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर सोने और चांदी से बनी विशेष वस्तुएं भगवान को अर्पित कर चुके हैं। मंदिर में चांदी का दिल, चांदी की सिल्ली और सोने की बांसुरी जैसी भेंट भी चढ़ाई जा चुकी हैं। इन विशेष चढ़ावों ने समय-समय पर श्रद्धालुओं और मंदिर आने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
सांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की आस्था का एक अलग ही स्वरूप देखने को मिलता है। यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी आर्थिक क्षमता और श्रद्धा के अनुसार भगवान को भेंट अर्पित करते हैं। कोई सोना-चांदी चढ़ाता है तो कोई अपनी मनोकामना से जुड़ी विशेष वस्तु बनवाकर मंदिर में समर्पित करता है। कई भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा मंदिर पहुंचकर भगवान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
मेवाड़ क्षेत्र में स्थित सांवलिया सेठ मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। भक्तों की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होने पर भगवान के दरबार में अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट चढ़ानी चाहिए। इसी विश्वास के चलते मंदिर में अलग-अलग प्रकार के चढ़ावे देखने को मिलते हैं।
इस बार 21 ग्राम सोने का दिल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसे हृदय संबंधी बीमारी से उबरने वाले एक श्रद्धालु ने अपनी मन्नत पूरी होने पर अर्पित किया है। दिल के आकार में तैयार इस भेंट के माध्यम से भक्त ने अपने आराध्य के प्रति कृतज्ञता जताई है। यह भेंट एक बार फिर बताती है कि धार्मिक आस्था में चढ़ावे का महत्व केवल उसकी आर्थिक कीमत से नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं और विश्वास से भी होता है।
