चामिंडा वास का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि किसी भी वनडे मैच की शुरुआत में गेंदबाज के पास बल्लेबाजों को समझने और अपनी रणनीति बनाने का ज्यादा समय नहीं होता। लेकिन उस मुकाबले में चामिंडा वास ने पहली ही गेंद से बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम पर ऐसा हमला बोला कि पूरी टीम शुरुआती ओवर में ही दबाव में आ गई। मैच की पहली गेंद पर चामिंडा वास ने हन्नान सरकार को आउट किया। इसके बाद अगली गेंद पर मोहम्मद अशरफुल को पवेलियन भेज दिया। लगातार दो गेंदों पर विकेट लेने के बाद अब उनके सामने हैट्रिक का मौका था और तीसरी गेंद पर उन्होंने एहसान उल हक को भी आउट कर दिया। इस तरह वनडे मुकाबले की पहली ही तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर उन्होंने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया।
चामिंडा वास यहीं नहीं रुके। उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर उन्होंने एक और विकेट हासिल किया। यानी मुकाबले के पहले ही ओवर में बांग्लादेश के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। यह प्रदर्शन बताता है कि उस दिन चामिंडा वास किस तरह की लय में गेंदबाजी कर रहे थे। उनकी सटीक लाइन और लेंथ तथा स्विंग कराने की क्षमता ने बांग्लादेश के बल्लेबाजों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। शुरुआत में ही चार विकेट गंवाने के कारण बांग्लादेश की पूरी पारी पर दबाव बन गया था।
चामिंडा वास का क्रिकेट करियर भी शानदार रहा। उन्होंने श्रीलंका के लिए लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और अपनी सटीक गेंदबाजी के दम पर टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई। उनकी गेंदबाजी में गति के साथ स्विंग और नियंत्रण भी देखने को मिलता था। यही वजह थी कि वह नई गेंद के साथ बेहद खतरनाक साबित होते थे। उनका 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया गया यह रिकॉर्ड उनकी इसी क्षमता की सबसे बड़ी मिसाल माना जाता है।
वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है लेकिन मैच की पहली ही तीन गेंदों पर हैट्रिक लेना उससे भी ज्यादा असाधारण कारनामा है। चामिंडा वास ने जिस अंदाज में यह उपलब्धि हासिल की थी वह आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार है। आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों को मिलने वाली मदद और तेजी से बदलते खेल के बावजूद इस रिकॉर्ड का अब तक कायम रहना इसे और खास बनाता है। यही कारण है कि चामिंडा वास की यह ऐतिहासिक हैट्रिक क्रिकेट के उन रिकॉर्ड्स में शामिल है जिसे आने वाले समय में भी लंबे वक्त तक याद किया जाता रहेगा।
