घरेलू वायदा बाजार में सोने के दिसंबर अनुबंध का भाव लगभग 0.50 प्रतिशत यानी 761 रुपये बढ़कर 1,42,733 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने पिछले बंद भाव 1,42,024 रुपये प्रति 10 ग्राम से 864 रुपये की बढ़त हासिल करते हुए 1,42,888 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। यह तेजी लगभग 0.60 प्रतिशत रही।
चांदी के दिसंबर वायदा अनुबंध में भी मजबूती दर्ज की गई। इसका भाव करीब 0.49 प्रतिशत यानी 968 रुपये बढ़कर 1,96,687 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान चांदी ने पिछले बंद स्तर 1,95,719 रुपये से 1,467 रुपये की छलांग लगाई और 1,97,186 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान चांदी में 0.74 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद दोनों धातुओं में आई खरीदारी को बाजार की अहम गतिविधि माना जा रहा है। उस दौरान सोने की कीमत लगभग 4 प्रतिशत और चांदी की कीमत 7 प्रतिशत से अधिक टूट गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव का असर दिखाई दिया था। स्पॉट गोल्ड जुलाई के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया था।
अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स में सोमवार सुबह सोना लगभग 0.48 प्रतिशत बढ़कर 4,027 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। सत्र के दौरान इसने 4,032.90 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ। चांदी लगभग 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 54.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची और कारोबार के दौरान 54.47 डॉलर प्रति औंस का स्तर दर्ज किया।
बाजार में सोने के लिए 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालिया गिरावट के बाद इस स्तर के आसपास खरीदारी लौटने से कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, ऊंची ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे निवेशक फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं।
अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली नीतिगत बैठक पर है। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना सीमित है, लेकिन दिसंबर में दरों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ब्याज दरों को लेकर संकेत सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर यानी पीसीई महंगाई आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे। यदि महंगाई अनुमान से अधिक रहती है, तो ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति कीमती धातुओं पर दबाव डाल सकती है।
चांदी ने हालिया कारोबार में सोने की तुलना में बेहतर रिकवरी दिखाई है, लेकिन तकनीकी संकेतों के अनुसार इसमें अभी पूरी तरह सुधार नहीं हुआ है। घरेलू बाजार में चांदी के लिए 2 लाख से 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का क्षेत्र प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि 1.92 लाख से 1.94 लाख रुपये का स्तर समर्थन दे सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं। ब्रेंट क्रूड हाल के दिनों में 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा था। तेल महंगा रहने से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों में कटौती टलने का जोखिम रहता है। ऐसे में निवेशकों की नजर डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और ऊर्जा बाजार की चाल पर भी बनी हुई है।
