वैभव सूर्यवंशी ने अब तक इंटरनेशनल आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट को मिलाकर 42 पारियों में 1723 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 42.02 और स्ट्राइक रेट 214.83 रहा है। उनका बाउंड्री प्रतिशत भी 36.15 बताया गया है। इतनी कम उम्र में इतने आक्रामक अंदाज से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है। वैभव मैदान पर उतरते ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते। यही वजह है कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं। हालांकि उनके करियर में अभी तक पारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और आगे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम होगा।
इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज मिच ओवन दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 86 टी20 पारियों में 1813 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 181.30 और औसत 22.66 है। ओवन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाई है लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वह वैभव से काफी पीछे हैं। तीसरे स्थान पर भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 180.69 है। उन्होंने 64 पारियों में 1554 रन बनाए हैं और उनका औसत 25.90 रहा है। इस तरह सूची के शुरुआती तीन स्थानों में दो भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी भारत की टी20 प्रतिभा को सामने लाती है।
भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 215 पारियों में 6466 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32.65 और स्ट्राइक रेट 178.32 है। अभिषेक अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पांचवें स्थान पर भारतीय बल्लेबाज प्रियांश आर्या हैं जिनका स्ट्राइक रेट 176.78 है। उन्होंने 59 पारियों में 1683 रन बनाए हैं और उनका औसत 29.01 है।
अब सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर है। ईशान किशन के चोटिल होने के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। यदि उन्हें खेलने का अवसर मिलता है तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने का मौका होगा। हालांकि अंतिम एकादश में उनका चयन टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा। वैभव के रिकॉर्ड ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
