नई दिल्ली। दवा मूल्य नियामक एनपीपीए (Drug Price Regulator NPPA) ने शनिवार को कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं (137 Non-Scheduled Anti-Cancer drugs) के मुनाफे को 30% तक सीमित कर दिया। इससे इन जीवन रक्षक दवाओं के खुदरा मूल्य में 70% तक की गिरावट आने की उम्मीद है। यह फैसला 9 नवंबर से लागू होगा। उपभोक्ता एनपीपीए की वेबसाइट और फार्मा सही दाम मोबाइल एप के जरिये नई कीमतों देख सकेंगे।
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने बताया, यह कदम स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर उठाया है। समिति ने मुनाफे को तर्कसंगत बनाने के लिए 137 दवाओं की सिफारिश की थी। एनपीपीए की 2019 में पायलट टीएमआर योजना लॉन्च की थी। इसके तहत कैंसर-रोधी 42 दवाओं के मुनाफे को 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया था।
संशोधित मूल्य सूची का प्रकाशन अनिवार्य…
– दवा निर्माताओं को अपनी वेबसाइट पर संशोधित मूल्य सूची का प्रकाशन अनिवार्य करना होगा।
– खुदरा विक्रेताओं व अस्पतालों को 9 नवंबर से कम कीमतों पर ही दवाएं बेचनी होंगी।
