नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की वनडे सीरीज में खेलते नजर नहीं आ सकते हैं। उनके इस सीरीज से बाहर रहने की संभावित वजह चोट नहीं, बल्कि टीम मैनेजमेंट की रणनीति बताई जा रही है। बुमराह पूरी तरह फिट हैं और फिलहाल टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।
भारतीय टीम उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए तरोताजा और पूरी तरह तैयार रखना चाहती है।टीम प्रबंधन की योजना के अनुसार, बुमराह को वनडे सीरीज में उतारने के बजाय लाल गेंद से खेले जाने वाले क्रिकेट के लिए तैयार किया जा सकता है। वह अहमदाबाद में टेस्ट क्रिकेट की तैयारी शुरू कर चुके हैं। अक्टूबर के आखिर में उनके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वह न्यूजीलैंड रवाना हो सकते हैं। हालांकि, वनडे सीरीज में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अंतिम स्थिति टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
वर्कलोड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
लंबे अंतरराष्ट्रीय दौरे और लगातार होने वाले मुकाबलों को देखते हुए बुमराह के कार्यभार का प्रबंधन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए खेलने के कार्यक्रम की योजना बना रहा है।
बुमराह को आगामी टेस्ट मुकाबलों से पहले मैच अभ्यास दिलाने के लिए इंडिया ए की टीम के साथ मैदान पर उतारने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, उन्हें 6 नवंबर से शुरू होने वाले इंडिया ए के तीसरे मुकाबले में खेलने का मौका मिल सकता है। इससे उनके कार्यभार को धीरे-धीरे बढ़ाने और टेस्ट क्रिकेट के लिए लय हासिल करने में मदद मिल सकती है।इसके बाद 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम और तैयारी का समय मिल सकता है। टीम प्रबंधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुमराह महत्वपूर्ण टेस्ट मैचों में अपनी पूरी क्षमता के साथ गेंदबाजी कर सकें।
चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट पर नजर
बुमराह को इस साल की शुरुआत में घुटने की चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों से बाहर रहना पड़ा था। इसके बाद उनकी फिटनेस और आगामी मुकाबलों में उपलब्धता को लेकर टीम प्रबंधन सावधानी बरत रहा है। बुमराह ने पिछले साल घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पिछला बहुदिवसीय मुकाबला खेला था। ऐसे में टेस्ट प्रारूप में वापसी के लिए उनकी तैयारी को अहम माना जा रहा है।उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर टीम से जुड़े अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि तेज गेंदबाज को किस तरह पर्याप्त अभ्यास, आराम और मैच खेलने का अवसर दिया जाए, ताकि लंबे प्रारूप में उनकी उपलब्धता बनी रहे।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर नजर
भारतीय टीम की रणनीति केवल न्यूजीलैंड दौरे तक सीमित नहीं है। अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को भी ध्यान में रखा जा रहा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी।इसी वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें हर द्विपक्षीय सीरीज में खिलाने के बजाय महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए सुरक्षित रखने की रणनीति अपना सकता है। वनडे सीरीज में उनकी संभावित अनुपस्थिति को इसी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।
टीम चयन पर जल्द साफ होगी तस्वीर
भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा आने वाले दिनों में होने की संभावना है। चयनकर्ता हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस तथा उपलब्धता से जुड़ी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद टीम संयोजन को अंतिम रूप दिया जा सकता है। बुमराह के वनडे सीरीज में खेलने या आराम दिए जाने पर भी आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति साफ होगी।
