राम मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम मंथन
बैठक का सबसे अहम एजेंडा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप चुकी है। बताया जा रहा है कि कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट के सामने रखा है। अब ट्रस्ट इन नामों पर चर्चा कर अंतिम नाम तय कर सकता है। बैठक के दूसरे चरण में ट्रस्ट से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।
पूर्व IPS राजेश पांडेय की दावेदारी सबसे मजबूत बताई जा रही
CEO पद की चर्चा में पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। उनकी दावेदारी की खास वजह सिर्फ पुलिस और प्रशासनिक अनुभव नहीं है। वह लखनऊ के अलीगंज स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर ट्रस्ट के सचिव भी हैं। इस वजह से उन्हें मंदिर प्रशासन और धार्मिक संस्थान के प्रबंधन का प्रत्यक्ष अनुभव भी हासिल है। राम मंदिर CEO के लिए यह अनुभव उनकी प्रोफाइल को अलग महत्व देता है।
CEO के सामने होंगी कई बड़ी जिम्मेदारियां
राम मंदिर CEO की भूमिका केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं होगी। अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय, VIP और आम श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं तथा मंदिर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां भी CEO के सामने रहेंगी।
इसी वजह से सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की जटिलताओं का अनुभव रखने वाले राजेश पांडेय की दावेदारी को खास माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला ट्रस्ट को ही करना है।
बैठक में ये प्रमुख ट्रस्टी और आमंत्रित सदस्य मौजूद
1. महंत नृत्य गोपाल दास
2. कमलनयन दास
3. स्वामी गोविंद देव गिरी
4. डॉ. कृष्ण मोहन
5. दिनेंद्र दास जी महाराज
6. दिनेश चंद्र जी
7. बजरंग बांगड़ा
8. जगदीश आफले
9. राज गोपाल मिनियार
10. समीर पांडा
ट्रस्ट डीड और नियमावली में संशोधन पर भी चर्चा
CEO की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट की डीड और न्यास नियमावली में संशोधन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। बैठक दोपहर 3 बजे ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होनी है। अधिकांश ट्रस्टी अयोध्या पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल होंगे।
बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन ने रामलला के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। दोनों ने मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद बैठक की तैयारियों में हिस्सा लिया।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की वापसी पर भी नजर
बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को लेकर भी निर्णय अहम माना जा रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। हालांकि पिछले कुछ समय में दोनों की सामाजिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
ऐसे में ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर अटकलें भी तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच की मौजूदा स्थिति में चंपत राय को लेकर राहत की बात सामने आने के बाद उनके दोबारा ट्रस्ट से जुड़ने की संभावना पर चर्चा हो सकती है। डॉ. अनिल मिश्र को लेकर ट्रस्ट क्या फैसला करता है, इस पर भी नजर रहेगी। अंतिम तस्वीर बैठक के बाद ही साफ होगी।
संघ और VHP पदाधिकारियों के अयोध्या पहुंचने से बढ़ी हलचल
बैठक से पहले संघ और विश्व हिंदू परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के भी अयोध्या पहुंचने की सूचना है। VHP महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, संरक्षक दिनेश चंद्र और संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह के अयोध्या पहुंचने की जानकारी है। संघ और VHP पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि से मुलाकात भी की। बंद कमरे में हुई इस बैठक के बाद ट्रस्ट की अहम बैठक को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
