राघव जुयाल के अनुसार, इस फिल्म की सबसे बड़ी प्रेरणा उन फिल्मों की शैली रही है, जिनमें अभिनेता गोविंदा अपनी सहज अदाकारी, हास्य और पारिवारिक मनोरंजन के लिए पहचाने जाते थे। उनका मानना है कि उस दौर की फिल्मों में बिना किसी बनावटीपन के ऐसा हास्य होता था, जिससे हर उम्र का दर्शक जुड़ जाता था। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए ‘भाई तेरा स्टार है’ की कहानी और प्रस्तुति तैयार की गई है ताकि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर इसका आनंद उठा सकें।
फिल्म में राघव अजय सिंह नाम के एक ऐसे युवक की भूमिका निभा रहे हैं, जो खुद को बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता मानता है और बड़े पर्दे का सुपरस्टार बनने के सपने देखता है। हालांकि उसकी अभिनय क्षमता उसके आत्मविश्वास के बिल्कुल विपरीत होती है। अपनी कमजोर अदाकारी के बावजूद वह लगातार खुद को साबित करने की कोशिश करता रहता है और इसी दौरान कई ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जो कहानी को हास्य और मनोरंजन से भर देती हैं। घटनाक्रम उसे एक प्रभावशाली डॉन के साथ ऐसे विवाद में पहुंचा देता है, जहां उसे आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
राघव का कहना है कि फिल्म का हास्य किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ाव महसूस कर सकें। उनका मानना है कि जब दर्शक किसी पात्र में अपने आसपास के लोगों की झलक देखते हैं, तब मनोरंजन का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि फिल्म के किरदारों और परिस्थितियों को सामान्य जीवन से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
फिल्म में राघव के साथ निहारिका एनएम, संजय कपूर, बरखा सिंह, चंदन रॉय सान्याल, विवान भटेना, निकी अनेजा वालिया और विकल्प मेहता जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अनुभवी और युवा कलाकारों का यह संयोजन फिल्म को अलग रंग देने का प्रयास करता है, जिससे कहानी में विविधता और संतुलन बना रहे।
निर्देशक विवेक बी. अग्रवाल के निर्देशन में बनी यह फिल्म पारिवारिक मनोरंजन, हल्के-फुल्के हास्य और छोटे शहरों की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म ऐसे दर्शकों को आकर्षित करेगी जो लंबे समय बाद बिना किसी भारी संदेश या जटिल कथानक के केवल मनोरंजन से भरपूर कॉमेडी देखना चाहते हैं। ‘भाई तेरा स्टार है’ 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसके जरिए राघव जुयाल दर्शकों के बीच सहज, स्वच्छ और पारिवारिक कॉमेडी की उस परंपरा को फिर से मजबूत करने की उम्मीद लेकर आ रहे हैं।
