जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता एडीएम न्यायिक एवं परियोजना निदेशक डूडा अरुण कुमार ने की। बैठक में सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों, विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रबंधकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का भी आकलन किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नगर निकाय अपने सीमा विस्तारित क्षेत्रों के साथ-साथ सब्जी और फल मंडियों में विशेष कैंप आयोजित करें। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उनका ऑनलाइन आवेदन कराया जाए, ताकि प्रथम चरण के ऋण का लाभ जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जा सके। प्रशासन का मानना है कि मौके पर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी होने से लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और योजना का दायरा तेजी से बढ़ेगा।
बैंक शाखा प्रबंधकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नगर निकायों की ओर से भेजे गए ऑनलाइन आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर समय पर ऋण स्वीकृत किया जाए। इसके साथ ही स्वीकृत मामलों में जल्द ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बैंक और नगर निकायों के बीच बेहतर समन्वय से योजना के लक्ष्य आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।
बैठक के दौरान योजना की वर्तमान प्रगति पर भी चर्चा हुई और उन क्षेत्रों की पहचान की गई, जहां अभी अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों ने ऐसे इलाकों में विशेष अभियान चलाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजना की जानकारी देकर उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए स्वरोजगार को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से बिना किसी बड़ी औपचारिकता के कार्यशील पूंजी के रूप में ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे छोटे कारोबारी अपने व्यवसाय का विस्तार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को आगे के चरणों में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने की सुविधा भी मिलती है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित विभाग नियमित रूप से योजना की प्रगति की निगरानी करेंगे और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे संयुक्त प्रयासों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडरों को योजना से जोड़ते हुए उन्हें समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि उनका रोजगार मजबूत हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सके।
