इस सूची में शामिल ‘सतरंगी बदले का खेल’ एक ऐसे युवक की कहानी है, जो अपने पिता की हत्या के बाद न्याय और प्रतिशोध की राह पर निकल पड़ता है। इस सीरीज को लगभग 6.9 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। इसमें बबलू महतो का किरदार दिन में पारंपरिक लोक कलाकार के रूप में जीवन बिताता है, जबकि रात के अंधेरे में अपने पिता के हत्यारों तक पहुंचने की गुप्त योजना बनाता है। वहीं, वास्तविक घटनाओं पर आधारित ‘हाथरस: 16 डेज’ इस सूची की सबसे संवेदनशील डॉक्यूमेंट्री सीरीज मानी जाती है, जिसे करीब 8.1 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। यह सीरीज वर्ष 2020 के चर्चित हाथरस मामले के बाद न्यायिक प्रक्रिया, सामाजिक माहौल और पीड़ित परिवार के संघर्ष को विस्तार से सामने लाती है।
सच्ची घटनाओं पर आधारित अपराध कथाओं में रुचि रखने वालों के लिए ‘हनीमून से हत्या’ भी एक शानदार विकल्प है। लगभग 7.2 आईएमडीबी रेटिंग वाली यह छह एपिसोड की डॉक्यूसीरीज उन मामलों को सामने लाती है, जहां वैवाहिक रिश्तों में पैदा हुए तनाव ने भयावह अपराध का रूप ले लिया। दूसरी ओर, रहस्य और हल्के हास्य का मिश्रण पेश करने वाली ‘सनफ्लावर 2’ को करीब 7.6 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। सुनील ग्रोवर अभिनीत यह सीरीज एक हाउसिंग सोसाइटी में हुई हत्या की गुत्थी को बेहद दिलचस्प अंदाज में पेश करती है, जहां हर किरदार शक के दायरे में नजर आता है।
सस्पेंस और मनोवैज्ञानिक खेल पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ‘बिच्छू का खेल’ भी एक लोकप्रिय सीरीज है, जिसे लगभग 7.4 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। इसकी कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो खुद हत्या की बात स्वीकार करता है, लेकिन कानून को उसे दोषी साबित करने की खुली चुनौती देता है। वहीं, मुंबई के अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि पर बनी ‘मुर्शिद’ को करीब 7.5 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। इसमें एक पूर्व गैंगस्टर की कहानी दिखाई गई है, जिसे परिस्थितियां फिर से अपराध की दुनिया में लौटने के लिए मजबूर कर देती हैं। सूची की आखिरी सीरीज ‘नक्सलबाड़ी’ है, जिसे लगभग 7.1 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। यह एक एसटीएफ अधिकारी के मिशन पर आधारित है, जो नक्सल प्रभावित इलाके में आतंक और हिंसा के नेटवर्क को खत्म करने की चुनौती का सामना करता है। दमदार कहानी, रहस्य, रोमांच और प्रभावशाली अभिनय के कारण ये सभी सीरीज ओटीटी पर क्राइम थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं।
