यह चैरिटी इवेंट सुनीता आहूजा के लिए बेहद खास और भावनात्मक रहा, क्योंकि 16 जुलाई को ही उनकी बेटी टीना का भी जन्मदिन है। इस खास मौके पर गरीब बच्चों के बीच समय बिताने और उन्हें दान देने को लेकर सुनीता ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस नेक काम के लिए मुख्य आयोजक सारा अरफीन खान का आभार व्यक्त किया। इवेंट के दौरान सुनीता और सारा ने जरूरतमंद बच्चों को मानसून के मौसम को देखते हुए रेनकोट और छाते वितरित किए। इस दौरान बच्चों ने भी सुनीता पर भरपूर प्यार लुटाया और पैपराजी ने इस पूरे दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए सुनीता आहूजा ने बच्चों के प्रति अपने अत्यधिक लगाव को साझा किया। उन्होंने एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें बच्चे बहुत ज्यादा पसंद हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर उनका बस चलता तो वे केवल दो बच्चों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि 5 से 6 बच्चे पैदा करतीं। बच्चों को भगवान का रूप बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे पूरी तरह से मासूम और पवित्र होते हैं और उनके मन में किसी भी प्रकार का छल-कपट या द्वेष नहीं होता है। इसी बातचीत में उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि ‘लॉकअप’ शो के भीतर होने वाली अत्यधिक लड़ाइयों को देख-देखकर उनका डायबिटीज का स्तर भी काफी बढ़ गया है।
बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जब एक रिपोर्टर ने उनसे अभिनेता गोविंदा के आगामी चर्चित प्रोजेक्ट ‘रूपा’ को लेकर सवाल पूछा और उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो सुनीता के तेवर अचानक बदल गए। उन्होंने इस विषय पर किसी भी तरह की चर्चा करने से साफ मना कर दिया। सुनीता ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि यह पवित्र चैरिटी इवेंट इस तरह के व्यावसायिक प्रोजेक्ट या ‘रूपा’ के बारे में बात करने के लिए बिल्कुल सही जगह नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट चिढ़ और असहमति व्यक्त की।
सुनीता आहूजा ने वहां मौजूद पैपराजी और मीडिया कर्मियों से सीधे तौर पर अपील करते हुए कहा कि वे केवल उनके और उनके बेटे यशवर्धन की आने वाली फिल्म से जुड़े रचनात्मक पहलुओं पर ही बात करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने काम के अलावा किसी अन्य व्यक्ति या विषय को लेकर कोई डिस्कशन नहीं करना चाहती हैं। अपने बेटे यशवर्धन की तारीफों के पुल बांधते हुए सुनीता ने कहा कि उनका बेटा बेहद संस्कारी है और उसकी परवरिश उन्होंने खुद बहुत अच्छे मूल्यों के साथ की है। उन्होंने विश्वास जताया कि यशवर्धन का काम बेहद शानदार है और वह आने वाले समय में 100 प्रतिशत अपने पिता गोविंदा से भी काफी आगे निकल जाएगा।
