अपने वीडियो संदेश में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्ति हैं और लंबे समय से बिना भोजन के अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, जिनकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यदि किसी नागरिक को अपनी बात मनवाने के लिए इतने लंबे समय तक भूख हड़ताल करनी पड़े, तो यह सभी के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने दिनों से चल रहे अनशन के बावजूद सार्थक बातचीत की पहल क्यों नहीं हो रही है। उनका मानना है कि यदि समय रहते बातचीत शुरू की जाए तो किसी भी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है और हालात को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
सोनाक्षी सिन्हा ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि देश और उसके भविष्य की चिंता करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देशहित में अपनी बात रखना किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील नहीं कर रहीं, बल्कि संबंधित पक्षों से जल्द बातचीत शुरू करने का आग्रह कर रही हैं ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने सोनाक्षी सिन्हा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण विषय पर अपनी आवाज उठाई है। वहीं कुछ लोगों ने इस मामले पर अलग-अलग दृष्टिकोण भी व्यक्त किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को बड़ी संख्या में देखा और साझा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है और इस मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। दिल्ली हाईकोर्ट में इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है, जबकि प्रदर्शन को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब केवल एक आंदोलन तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।
