राजा भैया ने नई दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता 21 से 30 जून तक आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने प्रतियोगी संख्या 71 के रूप में भाग लिया। एस-25 क्ले पिजन ट्रैप शूटिंग (एनआर) स्पर्धा में उन्होंने 25 पॉइंट का स्कोर हासिल किया और इसी प्रदर्शन के आधार पर कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के परिणाम बुधवार को घोषित किए गए।
निशानेबाजी के प्रति राजा भैया की रुचि काफी पुरानी रही है। वह लंबे समय से शूटिंग खेल से जुड़े हुए हैं और हथियारों तथा निशानेबाजी में उनकी दिलचस्पी सार्वजनिक रूप से भी चर्चा में रही है। वह नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लाइफटाइम सदस्य भी हैं। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनकी रुचि के पीछे पारिवारिक प्रेरणा भी बताई जाती है।
राजा भैया ने पहले भी बताया था कि उनके पिता उदय प्रताप सिंह स्वयं शूटर रहे हैं और उन्हीं से प्रेरित होकर उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत की थी। परिवार से मिली इस प्रेरणा ने उन्हें इस खेल से लंबे समय तक जोड़े रखा। समय के साथ उन्होंने अभ्यास जारी रखा और अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
शूटिंग के अलावा राजा भैया अपने पारंपरिक शस्त्रों के प्रति लगाव को लेकर भी कई बार चर्चा में रहे हैं। हर वर्ष दशहरे के अवसर पर वह अपने शस्त्रागार में रखे हथियारों की पूजा करते हैं। उनके शस्त्र संग्रह को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, कुछ मौकों पर इससे जुड़े विवाद भी सामने आए हैं, जिनका संबंध पारिवारिक और कानूनी मामलों से रहा है।
राजनीतिक जीवन की बात करें तो रघुराज प्रताप सिंह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार सातवीं बार विधायक हैं। वह जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी छवि एक प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता के रूप में रही है।
शूटिंग प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। समर्थक इसे उनके व्यक्तित्व के एक अलग पहलू के रूप में देख रहे हैं, जहां उन्होंने राजनीति के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल किया गया यह पदक उनके लिए खेल उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
