नई व्यवस्था के बाद निजी कार और दोपहिया वाहनों की नई इंश्योरेंस पॉलिसी में प्रत्येक कवर और उससे जुड़े शुल्क का अलग-अलग विवरण देना होगा। अब तक कई ग्राहकों को कुल प्रीमियम तो पता होता था, लेकिन उसमें शामिल अलग-अलग सुविधाओं की लागत समझना आसान नहीं होता था। नए नियमों में इस स्थिति को बदलने की कोशिश की गई है। ग्राहक पॉलिसी खरीदते समय अपनी जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सुविधाओं का चयन कर सकेंगे।
मोटर इंश्योरेंस का पहला हिस्सा थर्ड पार्टी कवर होगा, जो पहले की तरह अनिवार्य रहेगा। यदि किसी वाहन से दुर्घटना होने पर किसी दूसरे व्यक्ति को चोट पहुंचती है, उसकी मृत्यु होती है या उसकी संपत्ति को नुकसान होता है, तो इस कवर के तहत संबंधित कानूनी देनदारी का भुगतान किया जाता है। वाहन मालिक इस अनिवार्य सुरक्षा से बच नहीं सकेंगे।
दूसरा हिस्सा यात्रियों और पीछे बैठने वाले व्यक्ति की कानूनी देनदारी से संबंधित होगा। कार में सफर करने वाले यात्रियों और बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति यानी पिलियन राइडर के लिए अलग कवर लेने का विकल्प मिलेगा। इसमें बीमाधारक के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। यह सुविधा अनिवार्य नहीं होगी और इसे लेने के लिए अलग प्रीमियम चुकाना पड़ेगा।
तीसरे हिस्से में पर्सनल एक्सीडेंट कवर शामिल है। वाहन के मालिक और बीमाधारक के लिए निर्धारित व्यक्तिगत दुर्घटना कवर अनिवार्य रहेगा। हालांकि, कार में बैठे अन्य यात्रियों, बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति और वाहन मालिक के अलावा दूसरे ड्राइवर के लिए अतिरिक्त पर्सनल एक्सीडेंट कवर लेने की सुविधा मिलेगी। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार इसका चुनाव कर सकेंगे।
चौथा हिस्सा अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान यानी ओन डैमेज कवर का होगा। इसके तहत दुर्घटना, आग और पॉलिसी में शामिल अन्य कारणों से वाहन को हुए नुकसान की भरपाई की जाती है। यह कवर वैकल्पिक रहेगा। ग्राहक अपनी आर्थिक स्थिति और वाहन की सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर इसे चुन सकेंगे।
नई व्यवस्था में बीमा कंपनियों को ग्राहकों को दो महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। पहला कस्टमर ऑप्शन फॉर्म होगा, जिसमें ग्राहक ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से अपनी पसंद के कवर चुन सकेंगे। दूसरा कस्टमर इंफॉर्मेशन शीट होगी, जिसमें प्रत्येक सुविधा और उसके लिए निर्धारित प्रीमियम का स्पष्ट विवरण दिया जाएगा। पॉलिसी में भी हर कवर के सामने उसका शुल्क अलग से दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे अलग-अलग कंपनियों की योजनाओं की तुलना करना आसान हो सकेगा।
जिन वाहन मालिकों के पास पहले से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है, उन्हें भी नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। वे अपनी मौजूदा पॉलिसी की अवधि के दौरान यात्रियों या बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए लीगल लायबिलिटी कवर जुड़वा सकेंगे। इसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा, लेकिन पुरानी पॉलिसी रद्द कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सुविधा उसी बीमा कंपनी से मिलेगी, जिससे मौजूदा थर्ड पार्टी पॉलिसी ली गई है। अतिरिक्त सुरक्षा कंपनी की ओर से जारी एंडोर्समेंट में दर्ज तारीख और समय से प्रभावी होगी।
इस बदलाव के पीछे सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण निर्देश है। मामला नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम श्रीमती थुंगला धनलक्ष्मी एवं अन्य से संबंधित है। इसके बाद IRDAI ने 2 नवंबर 2026 को सर्कुलर नंबर IRDAI/CIR/MOT/10/2026 जारी कर सभी संबंधित जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को नई व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए। कंपनियों को पॉलिसी की भाषा और शर्तों में एकरूपता रखने के साथ 15 दिसंबर से नई व्यवस्था को बीमा सुगम प्लेटफॉर्म से जोड़ना होगा।
वाहन मालिकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि नई पॉलिसी खरीदते समय केवल कुल प्रीमियम देखकर फैसला न करें। यह समझना भी जरूरी होगा कि उसमें कौन-से कवर शामिल हैं और कौन-सी सुविधाएं अलग से खरीदनी होंगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इंश्योरेंस चुनने में ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे और प्रत्येक सुविधा की कीमत भी स्पष्ट दिखाई देगी।
