अनुज ठाकुर धूम मचाओ धूम बंधन साथ जनमों का बींद बनूंगा घोड़ी चढ़ूंगा और महिसागर जैसे टीवी शोज में काम कर चुके थे। कम उम्र में ही उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी दोस्त और कास्टिंग डायरेक्टर रूपेश सोनार ने की है। रूपेश ने सोशल मीडिया पर अनुज को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया और उनके साथ बिताए पुराने दिनों को याद किया।
रूपेश सोनार के मुताबिक अनुज के निधन की खबर उन्हें 30 अक्टूबर की रात मिली थी। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे एक साझा दोस्त ने फोन करके उन्हें यह दुखद जानकारी दी। शुरुआत में उन्हें इस खबर पर भरोसा ही नहीं हुआ क्योंकि वह महज 10 दिन पहले अनुज से मिले थे। उस मुलाकात में अनुज काफी खुश नजर आ रहे थे और अभिनय की दुनिया में दोबारा वापसी करने की तैयारी कर रहे थे। रूपेश ने बताया कि अनुज के चेहरे पर वही उत्साह था जो उनके शुरुआती दिनों में दिखाई देता था।
खबर मिलने के बाद रूपेश ने अनुज के भाई से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उस समय परिवार गहरे सदमे में था। इसके बाद वह शनिवार को अनुज के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। वहीं उन्हें पता चला कि अनुज को रात में दौरे पड़े थे और इसी दौरान उनका निधन हो गया। रूपेश ने बताया कि अनुज रोज सुबह जल्दी उठते थे और अपने तय रूटीन का पालन करते थे। वह सुबह करीब 4:30 बजे उठकर दिन की शुरुआत करते थे।
घटना वाली सुबह भी उनका अलार्म करीब 4:30 बजे बजा था। जब उनकी मां उन्हें जगाने के लिए कमरे में पहुंचीं तो अनुज ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद परिवार को पता चला कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहे। एक सामान्य सुबह की शुरुआत होने से पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अनुज के अचानक निधन ने उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
रूपेश सोनार और अनुज ठाकुर की दोस्ती करीब 18 साल पुरानी थी। दोनों की मुलाकात बंधन साथ जनमों का शो के सेट पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने कई अन्य धारावाहिकों में भी साथ काम किया। रूपेश अनुज को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उन्होंने बताया कि अनुज हमेशा खुशमिजाज रहते थे और हर किसी से प्यार से बात करते थे। वह लोगों की मदद करने में भी आगे रहते थे। रूपेश के लिए यह स्वीकार करना बेहद मुश्किल है कि जिस दोस्त से कुछ दिन पहले मुलाकात हुई थी वह अब उनके बीच नहीं है।
अनुज के निधन की खबर इसलिए भी ज्यादा भावुक कर रही है क्योंकि वह अपने करियर को दोबारा आगे बढ़ाने के सपने देख रहे थे। 10 दिन पहले हुई मुलाकात में उन्होंने वापसी की योजनाओं को लेकर उत्साह दिखाया था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी कम उम्र में उनकी जिंदगी अचानक खत्म हो जाएगी। उनके परिवार और दोस्तों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
