वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्य दरवाजे के आसपास गंदगी कूड़ा या अनावश्यक सामान जमा नहीं रखना चाहिए। प्रवेश स्थान को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने से घर का वातावरण बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। दरवाजे के पास पर्याप्त रोशनी रखना भी अच्छा माना जाता है। टूटे हुए दरवाजे या खराब सामान को लंबे समय तक घर में रखना भी वास्तु की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
घर के उत्तर पूर्व हिस्से को वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिशा को साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है। यहां भारी सामान या अनावश्यक वस्तुओं का ढेर लगाने से बचना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस हिस्से में साफ सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने से घर में अच्छी ऊर्जा का संचार बना रह सकता है।
घर में टूटे हुए शीशे बंद घड़ी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली चीजें जमा करके रखना भी उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुओं को समय समय पर हटाकर घर को व्यवस्थित रखना बेहतर होता है। इससे घर में अनावश्यक अव्यवस्था कम होती है और रहने का माहौल भी ज्यादा सहज महसूस हो सकता है।
वास्तु से जुड़े उपायों में घर की साफ सफाई को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। रोजाना घर की सफाई करने के साथ उन स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जहां धूल और गंदगी आसानी से जमा होती है। रसोई और बाथरूम को साफ रखना भी जरूरी है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार गंदगी नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकती है इसलिए घर को साफ और हवादार रखना अच्छा माना जाता है।
घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा का पर्याप्त इंतजाम रखना भी सकारात्मक वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है। दिन के समय खिड़कियां खोलने से घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी आती है। पौधे भी घर के वातावरण को सुंदर और खुशनुमा बनाने में मदद करते हैं। हालांकि पौधों को सही स्थान पर रखना और सूखे या मुरझाए पौधों को समय पर हटाना जरूरी है।
सोने के कमरे में भी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। बिस्तर के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचें और कमरे को शांत तथा व्यवस्थित रखें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कम करना भी बेहतर दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। वास्तु उपायों को मान्यता के तौर पर देखा जाना चाहिए। इनका वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं है कि वे किसी समस्या का निश्चित समाधान करते हैं। इसलिए घर की परेशानियों के व्यावहारिक कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
