यरुशलम के कटामोन इलाके में गुरुवार को 40 वर्षीय भारतीय प्रवासी कामगार का शव एक मकान के भीतर मिला। पुलिस के अनुसार शव फर्श पर पड़ा था और घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में खून मिला। मामले की सूचना मिलने के बाद जांच एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया। पुलिस ने हत्या के संदेह में 31 वर्षीय एक इजराइली नागरिक को हिरासत में लिया है। फिलहाल मृतक और आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
उधर ब्रिटेन की राजधानी लंदन में सऊदी शाही परिवार के 29 वर्षीय राजकुमार अब्दुल्ला बिन फहद बिन अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज बिन जलावी अल सऊद की मौत की जांच पूरी हो गई है। अदालत में पेश रिपोर्ट के अनुसार उनकी मृत्यु अत्यधिक शराब, पार्टी ड्रग और प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के संयुक्त प्रभाव से कार्डियक अरेस्ट होने के कारण हुई। जांच में इस घटना को ‘मिसएडवेंचर’ यानी अनजाने में हुई घातक दुर्घटना माना गया और आत्महत्या के कोई प्रमाण नहीं मिले। टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में शरीर में अल्कोहल की मात्रा सामान्य कानूनी सीमा से कई गुना अधिक पाई गई।
ऑस्ट्रिया में एडॉल्फ हिटलर के जन्मस्थान के रूप में पहचानी जाने वाली ऐतिहासिक इमारत को अब पुलिस स्टेशन में बदल दिया गया है। सरकार का उद्देश्य इस स्थान को नव-नाजी समर्थकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने से रोकना है। वर्षों तक विवादों में रहने वाली इस इमारत को सरकार ने अपने नियंत्रण में लेकर इसका नया उपयोग तय किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इतिहास के नकारात्मक प्रतीकों को महिमामंडित होने से रोकने की दिशा में उठाया गया है।
स्विट्जरलैंड में बाल सुरक्षा कानूनों के समर्थक रहे पूर्व दक्षिणपंथी नेता पैट्रिक फ्राई गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। उन पर नाबालिग से दुष्कर्म, महिलाओं को नशीली दवा देकर यौन शोषण करने और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत से उनके लिए उम्रकैद की मांग की है। जांच एजेंसियों का दावा है कि मामले से जुड़े कई डिजिटल और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। आरोपी वर्ष 2023 से हिरासत में है और मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के मुख्य अभियोजक करीम खान को पद से हटाने के प्रस्ताव पर सदस्य देशों के बीच मतदान होना है। उन पर लगाए गए यौन दुराचार के आरोपों के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई है, हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। सदस्य देशों के मतदान के बाद उनके भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस मुद्दे पर कई प्रमुख देशों ने उन्हें पद से हटाने के समर्थन का संकेत दिया है।
