टीम प्रबंधन के सामने पहले मुकाबले की अंतिम एकादश के चयन को लेकर सुखद धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है। पंजाब किंग्स के लिए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके प्रभसिमरन सिंह शीर्ष क्रम में एक विस्फोटक बल्लेबाज और बैकअप विकेटकीपर के रूप में एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने टी20 प्रारूप में 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से निरंतर रन बनाए हैं। दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी और किफायती गेंदबाजी से टीम संतुलन को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू कर चुके हर्ष टी20 प्रारूप में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रहे हैं।
गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए राजस्थान के 145-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अशोक शर्मा और डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले विदर्भ के यश ठाकुर कड़े दावेदार हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले अशोक शर्मा अपनी तीखी गति से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं, जबकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए 110 विकेट चटका चुके यश ठाकुर अंतिम ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन परिस्थितियों और पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो नए खिलाड़ियों को पदार्पण का अवसर दे सकता है।
तीन मैचों की इस टी20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई तथा अंतिम मैच 26 जुलाई को हरारे में ही आयोजित किया जाएगा। आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का ध्यान इस श्रृंखला के माध्यम से बेंच स्ट्रेंथ को परखने पर केंद्रित है। युवा खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपयोगिता साबित करने का यह स्वर्णिम अवसर होगा। मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीतिक योजना में इन नए चेहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है, और क्रिकेट विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 23 जुलाई को हरारे के मैदान पर कौन सा युवा खिलाड़ी भारत के लिए अपनी पहली टी20 कैप हासिल करने में सफल रहता है।
